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Be with nature and stay healthy - Tulika Srivastava
Genre : Music
Be with nature and stay healthy - Tulika Srivastava

प्रकृति के निकट रहें , संगीत सुनें और स्वस्थ रहें

आज अधिकांश व्यक्ति तनाव के घेरे में हैं . हर पल उन्हें किसी न किसी चीज की चिंता है . आज की जीवन शैली उन्हें तनाव में डालती जा रही है. भौतिक जीवन मनुष्य को इतना व्यस्त कर दे रहा है कि वे प्रकृति से कटते जा रहें हैं . रात में देर तक काम करना और सुबह देर से उठना कई लोगो की दिन चर्या हो गई है . परिणाम स्वरूप वे प्रकृति की अद्भुत छटाओं का आनंद नहीं ले पाते .
प्रातः काल की अद्भुत लालिमा देखते ही बनती है . प्रातः काल की शांत , शीतल और शुद्ध हवा का शरीर पर अच्छा प्रभाव तो पड़ता ही है साथ -साथ यह मन को भी शांति और शक्ति प्रदान करती है .
प्रातः काल उठकर प्रकृति के संगीत का आनंद लिया जा सकता है .यदि सुना जा सके तो प्रकृति के कण कण में संगीत समाया हुआ है . न केवल चेतन सृष्टि ही बल्कि जड़ सृष्टि भी संगीतमय है . कलियों की चट्कान में , वायु के झोकों में , नदियों की कल कल में , अमावस्या के अंधकार में , समुद्र गर्जन में तथा विशाल आकाश के तारों की झिलमिलाहट में दिव्य संगीत का अनुभव किया जा सकता है .
शहर में रहने वाले लोगों के लिए नदियों और झरनों का आनंद उठा पाना संभव नहीं है लेकिन वे जहाँ भी है, अधिक से अधिक प्रकृति की शुद्ध एवं स्वच्छ हवा का आनंद ले सकते हैं .प्रातः कल की लालिमा के दर्शन कर सकते हैं .
प्रकृति संगीतमय है . जहाँ भी नजर डालें प्रकृति में स्वर और लय व्याप्त है . कविता कौमुदी में कहा गया है कि ” प्रकृति जब तरंग में आती है तब वह गान करती है . उसके गीतों में ह्रदय का इतिहास इस प्रकार व्याप्त रहता है जैसे प्रेम में आकर्षण, श्रद्धा में विश्वास और करुणा में कोमलता . ग्रह-गण एक नियत कक्ष में फिर कर उस संगीत का कोई स्वर सिद्ध कर रहें हैं. झरनों का अविराम नाद , पानी का छमाछम बरसना , आंधी का हाहाकार , कलियों का चिटकना , समुद्र का महारव, मनुष्य कि भिन्न भिन्न  भाषायें  ,खग , कीट-पतंग  आदि कि बोलियाँ ये सब प्रकृति के उस संगीत के सहायक मंद्र और तार स्वर तथा लय हैं , वज्रपात थाप हैं और नदियों का प्रवाह मूर्छना है “.
तूलिका श्रीवास्तव

Tulika Srivastava is Vocalist (Hindustani Classical) and Music Therapist. She had done Mphil in Music (Music Therapy) from Delhi University. She writes articles on music in magazines and newspapers . Currently doing project on Music Therapy

 

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